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रोज़ा इफ़्त़ार की दुआ कब पढ़नी चाहिए इफ़्त़ार से पहले या बाद में*रोज़ा इफ़्त़ार की दुआ कब पढ़नी चाहिए इफ़्त़ार से पहले या बाद में*1️⃣4️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 14▪️* *📝 सवाल-;* *📇 रोज़ा इफ़्त़ार की दुआ कब पढ़नी चाहिए इफ़्त़ार से पहले या बाद में* *✍️ जवाब-:* *📇 आला हज़रत रहमतुल्लाह फरमाते हैं इफ़्त़ार की दुआ अमूमन इफ़्त़ार से पहले पढ़ने का रिवाज है मगर ये दुआ इफ़्तार के बाद पढ़नी चाहिए।* इफ़्तार के बाद की दुआ:- *अल्लाहुम्मा इन्नी ल-का सुमतू व बि-का आमन्तू व अलैका तवक्कल्तू व अला रिज़्किका अफ्तरतू ।* तर्जुमा:- *ऐ अल्लाह मैंने तेरे लिए रोज़ा रखा और तुझ पर ईमान लाया और तुझ पर भरोसा किया और तेरे दिए हुए रिज़्क से इफ्तार किया!* *📚 फ़तावा रज़विया शरीफ़ जिल्द 4 सफह 651* *📚 फ़तावा फ़क़ीहे मिल्लत जिल्द 1 सफह 344* *👉 नोट:- इफ़्तार के बाद पढ़ने से मुराद बिस्मिल्लाह पढ़ कर ख़जूर खा कर या पानी पीकर इफ़्तार करें इसके बाद दुआ पढ़नी चाहिए।* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्यु...

जो ह़ाफ़िज़’ क़ुरआन मजीद याद करके भूल जाए तो क्या उस के पीछे नमाज़ नहीं होगी*1️⃣3️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 13▪️* *📝 सवाल-;* *📇 जो ह़ाफ़िज़’ क़ुरआन मजीद याद करके भूल जाए तो क्या उस के पीछे नमाज़ नहीं होगी* *✍️ जवाब-:* *📇 उस शख़्स़ के पीछे नमाज़ जाइज़ है जिस ने क़ुरआन मजीद याद किया लेकिन अब उसे याद नहीं रहा, क्योंकि येह मूजिबे फ़िस्क़ (गुनाह का सबब) नहीं है। ह़ज़रते अनस رضی الله عنہ से मरवी है कि नबिए करीम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया मेरी उम्मत के गुनाह पेश किए गए तो मैंने इस से बड़ा कोई गुनाह न देखा कि किसी शख़्स़ को क़ुरआन की सूरत या आयत दी जाए फिर वोह उसे भुला दे* *📚 सुनने अबू दाउद 461, सुनने तिरमिज़ी 2916* *👉 नोट:- ग़ालिबन इस ह़दीस में सूरत भुलाने से उस की तअ़्लीमात को भुलाना मुराद है और गुनाहे अ़ज़ीम और गुनाहे कबीरह में फ़र्क़ है लिहाज़ा वोह शख़्स़ फ़ासिक़े मोअ़्लिन नहीं होता* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्यु...

ऐसा हाफिज़े कुरआन जो दाढ़ी कतरवा कर हमेशा एक मुश्त से कम रखता हैं उसके पीछे नमाजे तरावीह पढ़ना कैसा हैं*1️⃣2️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 12▪️* *📝 सवाल-;* *📇 ऐसा हाफिज़े कुरआन जो दाढ़ी कतरवा कर हमेशा एक मुश्त से कम रखता हैं उसके पीछे नमाजे तरावीह पढ़ना कैसा हैं* *✍️ जवाब-;* *📇 एक मुश्त दाढ़ी रखना वाजिब है एक मर्तबा भी कटवा कर एक मुश्त से कम करने वाला गुनाहगार है और उसे कटवा कर एक मुश्त से कम रखने का आदी है तो उसके पीछे नमाज़ पढ़ना मकरूह तहरीमी वाजिबुल एआदा है तरावीह सुन्नते मुअक्किदह है लेकिन ऐसे शख़्स के पीछे पढ़ने के बाद दोबारा पढ़ना वाजिब है* *📚 फ़तावा फैज़ुर्रसूल, जिल्द- 1, सफ़ह- 313* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴* https://chat....

तरावीह सुन्नत ए मुअकिदह किस किस के लिए है*1️⃣1️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 11▪️* *📝 सवाल-;* *📇 तरावीह सुन्नत ए मुअकिदह किस किस के लिए है* *✍️ जवाब-;* *📇 तरावीह मर्द व औरत सब के लिए बालाजम्अ सुन्नत ए मुअकिदह है इसका तर्क जायज़ नहीं इस पर ख़ुलफ़ाए राशेदिन رضی اللہ تعالٰی عنہم ने मदावमत फ़रमाई और नबी अलैहिस्सलाम का इरशाद है कि मेरी सुन्नत और सुन्नत ए ख़ुलफ़ाए राशेदीन को अपने ऊपर लाज़िम समझो और ख़ुद हुज़ूर ﷺ ने भी तरावीह पढ़ी और उसे बहुत पसंद फ़रमाया* *📚 बहार ए शरीअत, जिल्द- 1, हिस्सा- 4, सफ़ा- 688* *हज़रते अबु हुरैरा رضي الله تعالیٰ عنه‎‎ ने कहा कि रसूले करीम ﷺ ने फ़रमाया की जो शख़्स सिदक़ दिल और एतेक़ाद सही के साथ रमज़ान में क़याम करे यानी तरावीह पढ़े तो उसके अगले गुनाह बख़्श दिए जाते हैं* 📚 *मुस्लिम शरीफ़, जिल्द- 1, सफ़ा- 259* 📚 *मिशक़ात शरीफ़, सफ़ा- 114* *👉 नोट; तरावीह मर्द-औरत दोनों के लिए सून्नत ए मोअक्कीदा है इसको छोड़ना ज़ाइज़ नही और ये 20 रकाते है इसका वक़्त ईशा की फर्ज पढ़ने के बाद से फज्र का वक़्त शुरू होने तक है तरावीह वित्र की नमाज पढ़ने से पहले भ...

मोबाइल फोन पाक करने का तरीक़ा क्या है* 1️⃣0️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 10▪️* *📝 सवाल-;* *📇 मोबाइल फोन पाक करने का तरीक़ा क्या है*      *✍️ जवाब-;* *📇 मोबाइल फोन या इस तरह की और चीज़ टॉयलेट या किसी और नजासत में गिर जाए कि उसको पानी वगैरा से धोने में खराब होने का अंदेशा हो तो उसको पाक करने का तरीका यह है कि किसी मैकेनिक के ज़रिए थिनर वगैरा बहा कर अच्छी तरह से धो लिया जाए इस तरह धोने से मोबाईल फोन वगैरा पाक हो जाएगा जैसा कि नूरुल इज़ाह में है हर वह चीज़ जिसके अन्दर बहने की सलाहियत हो उस से नजासत दूर की का सकती है*  *📚नूरुल ईज़ाह ,सफ़हा 62* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।* *▪ امیــــــن ▪* 👑👑👑👑👑👑👑👑?...

दुनिया का कोई इंसान हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद क्यों नहीं बना इस में क्या हिक्मत है*0️⃣9️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 09▪️* *📝 सवाल-;* *📇 दुनिया का कोई इंसान हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद क्यों नहीं बना इस में क्या हिक्मत है* *✍️ जवाब-;* *📇 इसमें बहुत सी हिक्मतें हैं अव्वल तो यह कि कल कोई इंसान यह न कह सके कि पैग़म्बर तो मेरा पढ़ाया हुआ शागिर्द है दूसरी वजह यह है कि कोई शख़्स कभी यह ख्याल न कर सके कि फलां आदमी हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम का उस्ताद था तो शायद वह हुज़ूर से ज़्यादा इल्म वाला होगा तीसरी वजह यह कि हुज़ूर के बारे में कोई ये न सोचे कि चूंकि आप पढ़े लिखे आदमी थे इसलिए उन्होंने खुद ही क़ुरआन की आयतों को अपनी त़रफ़ से बनाकर पेश किया है और क़ुरआन इन्हीं का बनाया हुआ कलाम है चौथी वजह यह कि जब हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम सारी दुनिया को इल्म व हिक्मत की ता'लीम दें तो कोई यह न कह सके कि पहली और पुरानी किताबों को पढ़कर इस किस़्म की अनमोल और इंक़लाब आफरीं ता'लीमात दुनिया के सामने पेश कर रहे हैं पांचवीं वजह उम्मी होने की यह कि अगर हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम ...

विरासत में किसके हिस्से में कितनी जायदाद आएगी यह बताया जा रहा था कि उस वक़्त लड़की ने कहा कि मै अपना हिस्सा मुआफ करती हूं और लिख कर भी दे दिया और दो गवाह के सामने मुआफ़ भी कर दिया तो लड़की की मिल्कियत रहेगी या नहीं*0️⃣8️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 08▪️* *📝 सवाल-;* *📇 विरासत में किसके हिस्से में कितनी जायदाद आएगी यह बताया जा रहा था कि उस वक़्त लड़की ने कहा कि मै अपना हिस्सा मुआफ करती हूं और लिख कर भी दे दिया और दो गवाह के सामने मुआफ़ भी कर दिया तो लड़की की मिल्कियत रहेगी या नहीं* *✍️ जवाब-;* *📇 ज़बानी या तहरीरी तौर पर लड़की अगर तरका (विरासत का माल) लेने से इनकार कर दे फिर भी उसकी मिल्कियत ज़ाईल नही होगी आला हज़रत इमामे अहले सुन्नत अलैहिर्रहमा फरमाते है कि अगर वारिस सराहतन कह दे की मैने अपना हिस्सा छोड़ दिया जब भी उसकी मिल्क जाईल नही होगी।* *हां अगर उसे लेना मंज़ूर नहीं तो यूं करे की पहले ले ले फिर अपने भाई बहन जिसे चाहे मुकम्मल हिबा कर दे* *हिदायत :- एक लड़की अपना हिस्सा तभी माफ कर सकती है जब वो अपने हिस्से को ले कर अपने कब्ज़े में कर लेगी अभी तो उसने अपने जेब मे अपनी जायदाद रखी ही नही, तो बिना लिए बिना अपनी मिल्कियत में दाखिल किए माफ करने का तो सवाल ही नही उठता पहले उसको लेना पड़ेगा फिर अगर माफ करना चाहती है तो वापस कर ...

वेलेंटाइन डे किस् डे हक्क डे और इसी तरह के डे मनाना कैसा है* 0️⃣6️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 06▪️* *📝 सवाल-;* *📇 वेलेंटाइन डे किस् डे हक्क डे और इसी तरह के डे मनाना कैसा है*      *✍️ जवाब-;* *📇 kiss Day जिना डे है फ़र्ज़ी प्यार का हफ्ता चल रहा है इस हफ्ते में बड़े दिन हैं Hug Day के अगले दिन आता है Kiss Day इसमें गैर मर्द व औरत एक दूसरे को kiss करते हैं यानी अपने होंठ एक दूसरे से मिलाते हैं kiss करना जिना के हुक्म में आता है इस्लाम मे जिना करना सख्त गुनाह है एक हदीस का मफ़हूम है रसूलल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फ़रमाते हैं जिसने जिना किया या शराब पी अल्लाह तआला उसमे से ईमान को ऐसे निकालता है जैसे इंसान सर से अपना कुर्ता निकालता है* *📚 बुख़ारी शरीफ व मुस्लिम शरीफ* *👉 नोट; इस हदीस पाक से वह लोग दिल से सोचे जो kiss day के दिन ग़ैर औरतो के पास जाते है और जिना जैसे खबीस गुनाह का इर्तीकाब करते है ताज्जुब है कोई मुसलमान होकर जिना करे खुदारा ऐसे लोग अब भी होश मे आ जाए मौत के आने से पहले बाद मे होश भी आया तो किस काम का* ________________________...

क्या वेलेंटाइन डे क़यामत की निशानीयों में से है0️⃣5️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 05▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या वेलेंटाइन डे क़यामत की निशानीयों में से है*      *✍️ जवाब-;* *📇 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के दिन बनाया जाता है उस दिन बद निगाही बे पर्दगी फ़हाशी र्यानी अजनबी लड़के लड़कियों का मेल मिलाप हंसी मज़ाक़ इस ना जाइज़ ताल्लुकात में ज़िना शराब नोसि बेहयाई होती है यह सब क़यामत की निशानीयों मेसे है एक हदीस का मफ़हूम है रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने फरमाया अलामाते कयामत में से ये है के (दीनी) इल्म उठ जाएगा और जिहालत ही जिहालत ज़ाहिर हो जाएगा और एलानिया (खुले आम) शराब पी जाएगी और ज़िना फ़ैल जाएगा*  *📚सहीह बुखारी हदीस 60* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझ...

वेलेन्टाइन डे मनाना कैसा है0️⃣4️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 04▪️* *📝 सवाल-;* *📇 वेलेन्टाइन डे मनाना कैसा है* *✍️ जवाब-;*      *📇 इस तहवार को मनाने का अन्दाज़ ये होता है की नौ जवान लड़को और लड़कियो के बे पर्दगी व बे हयाई के साथ मेल मिलाप तोहफे तहाइफ के लेन देन से ले कर फहहाशि व उर्यानि की हर किस्म का मुजाहरा खुले आम या चोरी छुपे जिस का जितना बस चलता है आम देखा सुना जाता है*      *📚 वेलेन्टाइन डे क़ुरआनो हदिष की रौशनी में 15-16* *👉 नोट; इन्तिहाई दुःख और अफ़सोस की बात ये है की इस दिन को काफिरो की तरह बे हयाई के साथ मनाने वाले बहुत से मुसलमान भी अल्लाह और उसके रसूल के अता किये हुए पाकीज़ा अह्कामात को पसे पुश्त डालते हुए खुल्लम खुल्ला गुनाहो का इर्तिकाब कर के न सिर्फ ये की अपने नामए आ'माल की सियाही में इज़ाफ़ा करते है बल्कि मुस्लिम मुआशरे की पाकीज़गी को भी इन बेहुदगियो से नापाक व आलूदा करते है।* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अप...

जब हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम दुबारा दुनिया में आएंगे तो नबी होंगे या नहीं जब नबी होंगे तो हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम खतिमुन्नबीईन न रहे और अगर नुबूवत से मज़ूल होकर आएंगे तो यह उनकी शान के ख़िलाफ़ है रब किसी को नुबूवत से माज़ूल (जुदा) नहीं किया करता*0️⃣3️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 03▪️* *📝 सवाल-;* *📇 जब हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम दुबारा दुनिया में आएंगे तो नबी होंगे या नहीं जब नबी होंगे तो हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम खतिमुन्नबीईन न रहे और अगर नुबूवत से मज़ूल होकर आएंगे तो यह उनकी शान के ख़िलाफ़ है रब किसी को नुबूवत से माज़ूल (जुदा) नहीं किया करता* *✍️ जवाब-;* *📇 हज़रत ईसा अ़लैहिस्सलाम हमारे हुज़ूर की उम्मती बन कर आयेंगे मगर दर्ज़े के लिहाज़ से नबी होंगे जैसे कि कचहरी या अदालत का जज दूसरे शहर के अदालत में गवाह बनकर पेश हो तो वह अपनी जगह पर जज है मगर यहां उस वक़्त गवाह की हैसियत से है ख़ातिमुन्नबीईन के मायने यह हैं कि आपके बाद किसी को नुबूवत न मिले ईसा अ़लैहिस्सलाम पहले के नबीं है आख़िरी बेटा वह जिसके बाद कोई बेटा पैदा न हो इसलिए हमारे हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि वसल्लम आख़िरी नबीं हैं ख़त्में नुबूवत का मुंकिर काफ़िर है* *📚 हम से पूछिए सफा 35* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने म...

सुफिय-ए किराम, और दुआ़ मांगने वाले दुआओं के अव्वल (शुरू) में अल्लाहुम्मा क्यों लगाते है अल्लाह के साथ मीम कैसी और अगर कहा जाए कि ये लफ़्ज़ असल में या अल्लाह था या के बदले में लगाई है तो बजाए मीन के और कोई हर्फ क्यों न लगाया (यानी मीम ही क्यों)*0️⃣2️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 02▪️* *📝 सवाल-;* *📇 सुफिय-ए किराम, और दुआ़ मांगने वाले दुआओं के अव्वल (शुरू) में अल्लाहुम्मा क्यों लगाते है अल्लाह के साथ मीम कैसी और अगर कहा जाए कि ये लफ़्ज़ असल में या अल्लाह था या के बदले में लगाई है तो बजाए मीन के और कोई हर्फ क्यों न लगाया (यानी मीम ही क्यों)* *✍️ जवाब-;* *📇 इस लिए कि मीम रब के बीस नामों में आती है जैसे मोमिन, मुहैमिन, मालिक, मुक़्तदिर, करीम, रहमान, रहीम, वगैरा लिहाज़ा जो कोई अल्लाह से साथ लफ़्ज़ मीम लगा कर पुकारे तो गोया उसने रब को बीस नामों से याद किया और हर नाम के असरात मुख़्तलिफ़ हैं लिहाज़ा तमाम असरात हासिल हुए और हुज़ूर सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैहि वसल्लम के नाम मुबारक में भी मीम आती है जैसे मुहम्मद, अहमद, मुस्तफ़ा, मुज़तबा, वग़ैरा, लिहाज़ा अल्लाह में अल्लाह का नाम और मुहम्मद की मीम आ गई गोया दुआ़ में हुज़ूर सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैहि वसल्लम का वसीला भी हासिल हो गया इसलिए दुआओं में अल्लाहुम्मा लगाते हैं* *📚 हम से पूछिए सफा 34* ________________________ _____...

क्या तसव्वुरे शैख (पीर) या तसव्वुरे (ख्याले) रसूल नमाज़ में करना दुरुस्त है (वहाबी, अक़ीदा)*0️⃣1️⃣

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ* *~_____________________________________~* *🧮 पोस्ट 01▪️* *📝 सवाल-;* *📇 क्या तसव्वुरे शैख (पीर) या तसव्वुरे (ख्याले) रसूल नमाज़ में करना दुरुस्त है (वहाबी, अक़ीदा)* *✍️ जवाब-;* *📇 शैख (पीर) का तसव्वुर नमाज़ में बिल्कुल न लाए, कि यह खुशुअ़ व खुजूअ़ के ख़िलाफ़ है अलबत्ता अगर बिला क़स्द (अपने आप) आ जाए तो इस पर शरअ़ का गिरिफ़्त नहीं मगर तसव्वुरे रसूल नमाज़ में रखना ज़रूरी है क्योंकि नमाज़ हुज़ूर सल्लल्लाहु तआ़ला अ़लैहि वसल्लम की अदाओं का नाम है, जिनके अदाओं की नक़ल किया जा रहा हो उनका ख़्याल ज़रूरी है, मुहद्दिसीन मुफस्सिरीन व आइम्मा फरमाते हैं कि तसव्वुर रसूल में डूब कर जो नमाज़ पढ़ी जाए वह नमाज़ खुदा को मक़बूल व महबूब है* *📚 हम से पूछिए सफा 35* ________________________ ________________________ *💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।* *💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​*  *क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से* *👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि व...