गैरमुस्लिम के त्यौहार में शरीक होना मुबारकबाद देना मिठाई वगैरह लेना कैसा 1⃣2⃣
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
*🧮 पोस्ट 12▪️*
*📝 सवाल-;*
*📇 गैरमुस्लिम के त्यौहार में शरीक होना मुबारकबाद देना मिठाई वगैरह लेना कैसा*
*✍️ जवाब -;*
*📇 सबसे पहले तो एक बात जान ले कि किसी भी काम की दो वजह होती हैं 1 इख़्तियारी 2 इज्तिरारी*
*इख़्तियारी यानी जो हमारे इख़्तियार में था चाहते तो मना कर सकते थे कोई दुश्वारी नही थी और दूसरा इज्तिरारी कि जिसमे कोई वजह हो करने में मुश्किल हो जैसे की हम उनके साथ काम कर रहे हैं या पड़ोसी वगैरह का मामला है अब आगे देखें*
*गैरमुस्लिम के किसी भी त्यौहारों की मुबारकबाद देना जाएज़ नही बल्कि नाजायज़ व हराम है इस लिए इससे बचना चाहिए कि यहाँ पर इख़्तियारी और इज्तिरारी हुक्म हुक्म आएगा अब देखें कि अगर इख़्तियार में है तो बचें और अगर इख़्तियार में नही है कि हम किसी कंपनी या बिज़नेस में हैं और उन लोगों से कामकाज का मेलजोल है तो इज्तिरारी तौर पर ऊपर से ही बस कह दें दिल से न कहें लेकिन फिर भी बचना अफ़ज़ल है बल्कि जवाब में मुबारकबाद देने की बजाय शुक्रिया या थैंक्यू कह दें अब अगर किसी ने उसे सही मान कर मुबारकबाद दिया ये सोच कर की ये अच्छी चीज़ है सही है तो कुफ्ऱ है और दायरये इस्लाम से ख़ारिज हो जाएगा कि उसने उनके अक़ीदे को सही जाना इसी तरह से उनके त्यौहारों में या उसके तअल्लुक़ से रखे गए फंक्शन या पार्टी में शरीक होने पर ये देखा जाएगा कि अगर पूजापाठ का फंक्शन है तो उसमे शामिल होना जाएज़ नही और अगर ऐसे ही बल्कि खाने वगैरह की पार्टी है तो यहाँ पर भी वही इख़्तियारी व इज्तिरारी का हुक्म आएगा यानी बचना बेहतर है कि मुबारकबाद देना हो सकता है जब लोगों से मुलाक़ात होगी तो और इसी तरह से उनके त्यौहारों की मिठाई या बोनस वगैरह पर ये हुक्म है कि अगर मिठाई उनका चढ़ावा किया हुआ है जिसे प्रषाद कहा जाता है (उनके देवताओं पर चढ़ाया हुआ) तो उसे लेना भी जाएज़ नही और खाना भी जाएज़ नही लेकिन अगर प्रषाद वाली मिठाई नही बल्कि ऐसे भी बाजार से खरीद कर जो तोहफ़तन दी जाती है तो उसे लेना जाएज़ है और उसका खाना भी जाएज़ है उसी तरह से बोनस का लेना भी जाएज़ है लेकिन अगर कोई शख़्स त्यौहार को सही और बेहतर चीज़ मान कर ये सब करे तो उस पर भी कुफ़्र का हुक्म लगेगा*
*📚 फतावा रज़वीया शरीफ जिल्द 14 शफा 273 में देखें*
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*💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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