वह कौन सी सूरत है के एक शख़्स दिल से मज़हबे इस्लाम को सही मानता है और ज़बान से इक़रार भी करता है मगर उसके बावुजूद काफ़िर है 0⃣2⃣

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*


*🧮 पोस्ट 02 ▪️*


*📝 सवाल-;*
*📇 वह कौन सी सूरत है के एक शख़्स दिल से मज़हबे इस्लाम को सही मानता है और ज़बान से इक़रार भी करता है मगर उसके बावुजूद काफ़िर है*


*✍️ जवाब-;*
*📇 उसकी सूरत यह है के वह दिल से सही मानने और ज़बान से इक़रार करने के साथ मज़हबे इस्लाम को अपना दीन नहीं क़रार देता इस सबब से वह काफ़िर है इसलिए के कुफ़्र की चार क़िस्में हैं*
*(1) कुफ़्र इन्कारी, के ना दिल से सही माने और ना ज़बान से इक़रार करे जैसे के फ़िरौन वग़ैरह का कुफ़्र*
*(2) कुफ़्र जहूदी, के दिल से सही माने मगर ज़बान से ऐतराफ़ ना करे जैसे के यहूदी वग़ैरह का कुफ़्र*
*(3) कुफ़्र निफ़ाक़ी, के दिल से सही ना माने मगर ज़बान से इक़रार करे जैसे के अबी बिन ख़ल्फ़ वगैरह का कुफ़्र*
*(4) कुफ़्र इनादी, के दिल से सही माने और ज़बान से ऐतराफ़ भी करे मगर मज़हबे इस्लाम को अपना दीन ना क़रार दे जैसे के अबू तालिब वगैरह का कुफ़्र*

*📚 तफ़्सीरे खाज़िन जिल्द 1, सफ़ह 31 रुकू अव्वल की आयते करीमा*
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*💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*

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