मुस्तफा जाने रह़मत पे लाखों सलाम जब एक बार पढ़ा तो लाखों सलाम कैसे पहुंचेगा*6⃣5⃣
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
*🧮 पोस्ट 65▪️*
*📝 सवाल-;*
*📇 मुस्तफा जाने रह़मत पे लाखों सलाम जब एक बार पढ़ा तो लाखों सलाम कैसे पहुंचेगा*
*✍️ जवाब -;*
*📇 अगर ये एतराज़ है तो दर अस्ल ये एतराज़ खुदा पर है इसको यूं समझये कि मैंने आप से सलाम किया अस्सलामु अलैकुम यानि कि सलामती हो तुम पर अब ये बतायें मैंने कह तो दिया मगर ये सलामती आप पर नाज़िल कैसे होगी और कौन नाज़िल फरमायेगा ज़ाहिर सी बात है अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ही सलामती फरमाने वाला है उसी के फज़्ल से आप सलामत रहेंगे तो हमारा नबी सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की बारगाह में लाखों सलाम भेजना या करोड़ों दुरुद भेजना दर अस्ल रब की बारगाह में दुआ है कि मौला मेरे नबी की बारगाह में मेरा लाखों सलाम पहुंचा तो अब बताइये रब पहुंचा सकता है या नहीं अगर हाँ तो एतराज़ दफा यानि कि खत्म हो गया और अगर नहीं तो फिर आपको अल्लाह की क़ुदरत पर भरोसा ही नहीं है आपका ईमान खतरे में है जनाब अरे भाई एक नहीं हज़ारों ऐसी रिवायतें पाई जाती है कि एक बार पढ़ो तो हज़ारों लाखों का सवाब मिलता है मसलन*
*पहली मिसाल; अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त फरमाता है कि शबे क़द्र 1000 महीनों से बेहतर है*
*दूसरी मिसाल; रज्जब का एक रोज़े पर एक साल के रोज़े का सवाब*
*तीसरी मिसाल; शबे बरात में 2 रकात नफ्ल पढ़ने में 400 साल की इबादत का सवाब*
*चौथी मिसाल; जो मक्का शरीफ में 1 रमज़ान पाये तो 1 लाख रमज़ान का सवाब*
*📚पारा 30 सूरह क़द्र*
*📚मा सबत मिन सुन्नाह सफह 126*
*📚नुज़हतुल मजालिस जिल्द 1 सफह 132*
*📚बहारे शरीअत हिस्सा 5 सफह 96*
*👉 नोट; कुछ दुरुदे पाक हैं किसी को 1 बार पढ़ने पर 1 लाख दुरुद पढ़ने का सवाब तो किसी पर 6 लाख दुरुद का सवाब अब इन सबको किया कहेंगे कि नहीं ऐसा नहीं हो सकता एक बार पढ़ने पर इतना इतना सवाब नहीं मिल सकता अब किसी को अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त की क़ुदरत पर भरोसा हो या ना हो मगर हमें पूरा यक़ीन है कि जब हम 1 मरतबा मुस्तफा जाने रहमत पे लाखों सलाम पढ़ते हैं तो बेशक हमारा परवर दिगार हमारा लाखों सलाम हमारे नबी की बारगाह में पहुंचा देता है*
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*💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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