27 रजब के रोजे की फ़ज़ीलत क्या हैं1⃣2⃣4⃣
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
*🧮 पोस्ट 124▪️*
*📝 सवाल-;*
*📇 27 रजब के रोजे की फ़ज़ीलत क्या हैं*
*✍️ जवाब-;*
*📇 हुजूर सल्लल्लहो अलैहि वसल्लम ने फरमाया कि जिसने सत्ताईसवीं रजब का रोजा रखा उसको साठ महीनों के रोज़ों का सवाब मिलेगा उसी दिन हज़रत जिब्रिल अलैहिस्सलाम नबी करीम सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम की बारगाह में रिसालत ले कर नाज़िल हुए अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का मामुल था कि जब सत्ताईसवीं रजब आती तो वह ऐतकाफ में बैठे होते थे और बाद नमाजे ज़ोहर नफ्ल पढ़ने में मशगूल हो जाते इसके बाद वह चार रकअतें पढ़ते और हर रकअत में सूरह फ़ातिहा एक मरतबा सूरतुल कद्र तीन बार और सूरह इखलास पचास मरतबा पढ़ते थे फिर अस्र तक दुआओं में मशगूल रहते उन्होंने फरमाया कि सरवरे कौनेन सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का यही मामूल था रसूलुल्लाह सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम का इरशाद है कि माहे रजब में एक दिन और एक रात ऐसी है कि अगर उस दिन का कोई रोजा रखे और उस रात को इबादत करे तो उसको एक सौ बरस रोजे रखने वाले और सौ साल की रातों में इबादत करने वाले के बराबर अज़्र मिलेगा । यह रात वह है जिसके बाद रजब की तीन रातें रह जाती हैं ( यानी सत्ताईसवीं शब ) और यह वह दिन है जिस दिन अल्लाह तआला ने रसूले करीम को रिसालत अता फरमाई*
*📚(गुनियतुलत्तलिबिन, सफ़ह 382 )*
👉 *अाला हज़रत इमामे अहले सुन्नत, वलिये नेमत, अज़ीमुल बरकत, आलिमे शरीअत, पीरे तरीकत, बाइसे खैरो बरकत, हज़रते अल्लामा मौलाना अल्हाज़ अल हाफिज़ अल कारी अश्शाह इमाम अहमद रज़ा खान अलैहिर्रहमा फरमाते है कि फवाइदे हनाद में हज़रते सय्यिदुना अनस रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से मरवी है कि नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया 27 सत्ताईस रज़ब को मुझे नबुव्वत अता हुई, जो इस दिन का रोज़ा रखे और इफ़्तार के वक़्त दुआ करें दस बरस के गुनाहों का कफ़्फारा हो ।*
*📚 फ़तावा रज़विय्या, जिल्द- 10, सफा- 648*
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*💉 अपनी औलादो में आला हजरत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम। के सदके इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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