देवबंदी और बरैलवी की इख्तेलाफ़ को फालतू बातें है कहना कैसा*44

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_27/08/1444_* 
*_शाअबानुल मुअज़्जम_* 
*_⛅ दिन; पीर_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_20/03/2023_*     
*_मार्च_*
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*🧮 पोस्ट 43▪️*


*📝 सवाल-;*
*📇 देवबंदी और बरैलवी की इख्तेलाफ़ को फालतू बातें है कहना कैसा*


*✍️ जवाब :-* 
*📇 जिसने मज़कूरा (ऊपर दर्ज वाला) जुमला कहा वो सुलेह कुल्ली और इस्लाम से खारिज है वहाबी देवबंदी ने शाने उलूहियत (खुदाई या खुदा वांदी) व रिसालत में गुस्ताख़ी की शाने उलूहियत (खुदाई या खुदा वांदी) व रिसालत में गुस्ताख़ी करने वाला बा इजमा मुस्लिमीन काफिर है उसे फालतू बात कहना गुस्तखाने रसूल की हिमायत (तरफदारी) है इस लिए कुफ्र है*

*📚 फतावा शारेह बुखारी जिल्द सोम सफा 245* 

*👉 नोट: मेरे भाइयों वहाबी देवबंदी से जो हमारा इख़्तेलाफ़ है वो सलातो सलाम की बुनियाद पर नही, अंगूठा चूमने की बुनियाद पर नही, मज़ार पर चादर चढ़ाने की बुनियाद पर नही, फातिहा दिलाने की बुनियाद पर नही, यह सब तो मुस्तहब्बात हैं, करो तो सवाब, न करो तो कोई गुनाह नहीं हमारा उनसे जो इख़्तेलाफ़ है, उसकी असल बुनियाद है अक़ीदा, उनके अक़ीदे में खराबी है, उन लोगों ने हमारे हुज़ूर {ﷺ} के शान में गुस्ताखियां की हैं, अल्लाह की शान में गुस्ताखी की हैं, औलिया ए किराम की शान में गुस्ताखियां की है, और भी कई करतूते हैं, क्या क्या गिनाऊं। और हमारे कुछ भाई जो इल्म हासिल नही करते, हक़ीक़त जानते नहीं, और कहते हैं कि किसी को बुरा नहीं कहना चाहिए, वो भी तो कलमा पढ़ता है, नमाज़े पढ़ता है, अरे भैय्या जब ईमान ही नहीं बचा उनका, तो ऐसी नमाज़े, उन्हें कोई फायदा नहीं पहुचायेगी। इसलिए अगर तुमको इल्म नहीं है, तो खुदा के वास्ते कोई ऐसा जुमला इस्तेमाल मत करो जिसके वजह से तुम ईमान गवा दो और जहन्नम में जाना पड़े।*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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