रोज़ा में सिर्फ़ खाने पीने और जिमाअ़ ही से क्यों रोका गया दूसरी चीज़ें भी मना होनी चाहिए थीं या रात को भी रोज़ा होना चाहिए था जैसे हिंदुओं में हैं*61
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_14/09/1444_*
*_रमज़ान मुबारक_*
*_⛅ दिन; जुमेरात_*
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_06/04/2023_*
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 60▪️*
*📝 सवाल :-*
*📇 रोज़ा में सिर्फ़ खाने पीने और जिमाअ़ ही से क्यों रोका गया दूसरी चीज़ें भी मना होनी चाहिए थीं या रात को भी रोज़ा होना चाहिए था जैसे हिंदुओं में हैं*
*✍️ जवाब :-*
*📇 रोज़ा का मक़्सद नफ़्से अम्मारा को तोड़ना और जान बाक़ी रखना है हिन्दूओं के रोज़े अजीब वाहियात है कि वह अनाज के सिवा बाक़ी सब चीज़ें खाते पीते रहते हैं और कभी रात को भी नही खाते इसकी बेहूदगी ज़ाहिर है कि जब दूध, दही, फल वग़ैरा खाते रहे तो नफ़्स मरा और कमज़ोर हुआ ही नहीं बल्क़ि और ज़्यादा मोटा ताक़तवर हुआ और मुसलसल रोज़ा रखने से या कुछ कई दिनों तक न खाने पीने से तमाम कारोबार छूट जाते हैं और जान के लाल पड़ जाते हैं जिससे वह हलाक़ होकर दूसरे बहुत से इबादतों से महरूम हो जाता है रोज़ा से नफ़्स की इस्लाह मंज़ूर है न कि इसका हलाक़ करना जैसा कि गांधी के मरनबरत से तजुर्बा हुआ और आज भी भूक हड़ताल से हो रहा है ऐसा रोज़ा रखना हलाक़त के बाईस है इस्लामी रोज़ा हर शख़्स बिला तकलीफ़ रख सकता है और इबादत वह है जो हर शख़्स कर सके दिल व दिमाग़ और जिस्म पर गिरां न हो*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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