ज़ैद और बकर सहरी कर रहे थे कि सहरी का वक़्त खत्म हो गया ज़ैद के मुंह में जो निवाला था वो खा गया जबकि बकर ने मुंह का निवाला हाथ में निकाल दिया फिर उसे वापस खा गया दोनों पर क़ज़ा और कफ्फारे का क्या हुक्म होगा*62
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_15/09/1444_*
*_रमज़ान मुबारक_*
*_⛅ दिन; जुम्आ मुबारक_*
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_07/04/2023_*
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 61▪️*
*📝 सवाल :-*
*📇 ज़ैद और बकर सहरी कर रहे थे कि सहरी का वक़्त खत्म हो गया ज़ैद के मुंह में जो निवाला था वो खा गया जबकि बकर ने मुंह का निवाला हाथ में निकाल दिया फिर उसे वापस खा गया दोनों पर क़ज़ा और कफ्फारे का क्या हुक्म होगा*
*✍️ जवाब :-*
*📇 सूरते मसऊला में दोनो पर क़ज़ा लाज़िम है लेकिन ज़ैद पर कफ्फारा भी वाजिब होगा ज़ैद पर कफ्फारा लाज़िम होने की वजह यह है कि कफ्फारा लाज़िम होने में एक यह भी शर्त है कि जिस चीज़ से रोज़ा तोड़ा जाए वह लज़्ज़त वाली होनी चाहिए चूंकि ज़ैद के मुंह में जो गिज़ा था वो लज़्ज़त वाला था इस लिए उस पर कफ्फारा भी वाजिब है जबकि बकर ने मुंह से निवाला निकाल दिया था तो वह खाना कोई भी खाना पसंद नहीं करेगा ( बल्कि उस से मन भटकता है और वोह लज़्ज़त से खाली है ) इसलिए बकर पर कफ्फारा वाजिब नहीं होगा मगर क़ज़ा वाजिब है*
*लज़्ज़त (मज़ा) वाली चीज़ से रोज़ा टूटने पर कफ्फारा है ।*
*📚 बहारे शरीअ़त, हिस्सा- 5, सफ़ा- 151*
*📚 रमज़ान के फतवे, सफ़ा- 47*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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