रमज़ान शरीफ़ के महीने में ज़ैद, बकर और उमर तीनों में एक मसअला में बहस हो गया !**ज़ैद:* कहता है रोज़े की हालत में अगर गुस्ल फ़र्ज़ हो गया तो गरारा करना नाजाइज़ है और नाक में नरम हड्डी तक पानी पहुंचना इससे भी बचना चाहिए इससे रोज़ा टूट जाता है।64

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_17/09/1444_* 
*_रमज़ान मुबारक_* 
*_⛅ दिन; इतवार_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_09/04/2023_*     
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 63▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇 रमज़ान शरीफ़ के महीने में ज़ैद, बकर और उमर तीनों में एक मसअला में बहस हो गया !*
*ज़ैद:* कहता है रोज़े की हालत में अगर गुस्ल फ़र्ज़ हो गया तो गरारा करना नाजाइज़ है और नाक में नरम हड्डी तक पानी पहुंचना इससे भी बचना चाहिए इससे रोज़ा टूट जाता है।
*बकर :* कहता है रोज़े की हालत में अगर गुस्ल फ़र्ज़ हो गया तो गरारा करना मना है और नाक के नरम हड्डी तक पानी पहुंचना इससे रोज़ा नही टूटता है मगर दिमाग में पानी चला गया तो रोज़ा टूट जाता है चाहे रोज़ादार होना याद हों या ना हो।
*उमर :* कहता है रोज़े की हालत में अगर गुस्ल फ़र्ज़ हो गया तो गरारा करना मना है और नाक के नरम हड्डी तक पानी पहुंचना इससे रोज़ा नही टूटता है मगर दिमाग में पानी चला गया तो रोज़ा टूट जाता है लेकिन अगर रोज़ादार होना भूल गया तो इस सूरत में रोज़ा नहीं टूटेगा।
*इन तीनों में किसका बात दुरुस्त है !*


*✍️ जवाब :-*
*📇 रोज़े की हालत में कुल्ली करना शरअन मना नहीं अल्बत्ता गरारा करना मना है क्यूंकि ऐसी सूरत में हलक के अंदर पानी चला जाएगा, रह गया नाक में पानी चढ़ाने के बारे में तो मसअला यह है कि नाक में पानी चढ़ा रहा था कि पानी दिमाग में चढ़ गया तो रोज़ा टूट गया लेकिन अगर रोज़ादार होना भूल गया तो न टूटेगा*

*📚 फतावा गौसिया, जिल्द- अव्वल, सफा- 207*
*📚 फतावा आलमगीरी*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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