क्या बहन को भाई या भाई को बहन ज़कात दे सकते हैं*66

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_19/09/1444_* 
*_रमज़ान मुबारक_* 
*_⛅ दिन; मंगल_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_11/04/2023_*     
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 65▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇 क्या बहन को भाई या भाई को बहन ज़कात दे सकते हैं*


*✍️ जवाब :-*
*📇 भाई बहन अगर मुस्तहिक़े ज़कात हों और गैरे सय्यद हों तो उन्हें ज़कात देना जाइज़ बल्कि अफ़ज़ल है कि सिला रहमी का भी सवाब है आलमगिरी में हैं ज़कात फितरा और मन्नत (की रक़म वगैरा) पहले भाई बहनों को देना अफ़ज़ल है फतावा अहले सुन्नत अहकामे ज़कात में है रिश्तेदारों में से कोई हाजत मंद और शरई फ़क़ीर है तो उसको ज़कात देना अफ़ज़ल है मगर इस में चंद शराइत है*
*किन रिश्तेदारों को ज़कात दे सकते हैं*
*बहन, भाई, चचा, फूफी, खाला, मामु, बहू, दामाद, सौतेला बाप, सौतेली मां, शोहर की तरफ से सौतेली औलाद, बीवी की तरफ से सौतेली औलाद*
*किन को ज़कात नहीं दे सकते*
*नीचे दर्ज मुसल्मानों को ज़कात नहीं दे सकते अगर्चे शरई फ़क़ीर हों {1} बनू हाशिम (यानी सादाते किराम) चाहे देने वाला हाशिमी हो या गैरे हाशिमी {2} अपनी अस्ल (यानी जिन की औलाद में से ज़कात देने वाला हो) जैसे मां बाप, दादा, दादी, नाना, नानी वगैरा {3} अपनी फुरूअ (यानी जो उस की औलाद में से हों) जैसे बेटा, बेटी, पोता, पोती, नवासा, नवासी वगैरा {4} मियां बीवी एक दूसरे को ज़कात नहीं दे सकते {5} गनी के ना बालिग बच्चे (क्यूं कि वोह अपने बाप की वजह से ग़नी शुमार होते हैं)*

*📚 सौ शरई मसाइल का मजमुआ, हिस्सा- 7, सफा- 43*
*📚 फतावा अहले सुन्नत अहकामे ज़कात, सफा- 400*
*📚 फतावा रज़विया, जिल्द-10, सफा- 252*
*📚 बहारे शरीअत, जिल्द- अव्वल, सफा- 933*
*📚 फैज़ाने ज़कात, सफा- 61*
*📚 फतावा रज़विया, जिल्द-10, सफा- 268*

*👉 नोट: सबसे पहले तो ज़कात के मसअले मसाइल सीखें तब आपको पता चलेगा कि ज़कात किन चीज़ों पर है और कितना बनेगा फिर कैसे निकाले किसको दे सकते हैं किसे नहीं वगैरा वगैरा सब सीखें फिर ये भी कि ज़कात देना सबसे पहले किसको अफ़ज़ल है वगैरा*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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