औरत के पास जो ज़ेवर होता है उसकी जक़ात किसके जिम्मे हैं*68

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_21/09/1444_* 
*_रमज़ान मुबारक_* 
*_⛅ दिन; जुमेरात_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_13/04/2023_*     
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 67▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇 औरत के पास जो ज़ेवर होता है उसकी जक़ात किसके जिम्मे हैं*


*✍️ जवाब :-* 
*📇 वह ज़ेवर जो औरत की मिल्किय्यत (यानी जिस ज़ेवर की मालिक औरत) है उसकी ज़कात हरगिज़ शौहर के ज़िम्मे नहीं अगरचे शौहर कसीर (बहुत ज़ियादा) माल रखता हो (जब शौहर के ज़िम्मे ही नहीं) तो ज़कात न देने पर शौहर के ऊपर न कोई वबाल न कोई गुनाह होगा हां मुनासिब तरीक़ा पर तंबीह व ताकीद (टोके और बार बार कहा करे) और उसे समझाए कि ज़कात न देना कितना बड़ा गुनाह है और वह ज़ेवर जो शौहर ने औरत को दिया और उसकी मिल्क कर दिया उस पर भी यही हुक्म है यानी औरत ही ज़कात देगी*
*और अगर शौहर ने सिर्फ पहनने के लिए दिया उसकी मिल्क (मालिक) नहीं किया अपने ही मिल्क में रखा जैसा कि बाज़ घरानों में रिवाज़ है तो बेशक उसकी ज़कात मर्द के ज़िम्मे है जबकि वह खुद मालिक निसाब हो या यह और दूसरे माल से मिलकर क़दरे निसान हो और हाजते असलिय्या से फारिग हो*

*📚 सुन्नी बहिश्ति ज़ेवर, सफा- 329*
*📚 फ़तावा रज़विया शरीफ़*
*📚 ज़िया ए शरीअत, जिल्द अव्वल, सफा- 30*
*📚 सही बुखारी, जिल्द- 4, सफा-8 जिल्द-1 सफा-474*

*👉 नोट : हमारी बाज़ बहने इसी हरीस (लालची) क़िस्म की होती है कि उनके पास बहुत सारे गहने सेट सब सोने चांदी की पड़े होंगे मगर कहेंगी हमारे पास है ही क्या है हम तो गरीब है मगर अफसोस की अपना इहतिसाब (हिसाब किताब) नहीं करती कि देखूं मेरे ऊपर ज़कात फ़र्ज़ हो रही है या नहीं इसी तरह कुर्बानी वाजिब हो रही है या नहीं ज़रा भी परवाह नहीं करती याद रखें ज़कात अदा न करने पर बहुत बड़ा अज़ाब सब है जैसे एक रिवायत में आता है कि उसके गले में गंजे सांप का तौक़ पहनाया जाएगा और हुज़ूर ﷺ ने उस पर लानत फरमाई है वगैरा वगैरा इसलिए मेरी बहनों इस वबा (ज़कात न देने) से बाज़ आ जाए और अपने माल का पूरा पूरा हिसाब कर के ज़कात अदा करे*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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