ज़ैद रमज़ान उल मुबारक़ शरीफ़ के महीने में उमरे पर गया और उसकी दिली ख्वाहिश थी की मस्जिद ए हरम में एतेकाफ़ में बैठूं अलहम्दुलिल्लाह ज़ैद को ये सआद्दत हासिल हुई और ज़ैद हरम शरीफ़ में एतिकाफ़ में बैठ गया तो दौरान ए एतेकाफ़ क्या ज़ैद होटल जाकर सेहरी व इफ़्तार का खाना खुद ला सकता है जबकी खाना लाकर देने वाला कोई न हो और ना ही हरम शरीफ़ में सेहरी व इफ़्तार का इंतज़ाम हो और यह भी बताएं एतेकाफ़ मे रह कर ज़ैद तवाफ़ कर सकता है और ग़ुस्ल ए मसनून के लिए जा सकता है*71

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

*~_____________________________________~*
*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_24/09/1444_* 
*_रमज़ान मुबारक_* 
*_⛅ दिन;    इतवार_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_16/04/2023_*     
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 70▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇    ज़ैद रमज़ान उल मुबारक़ शरीफ़ के महीने में उमरे पर गया और उसकी दिली ख्वाहिश थी की मस्जिद ए हरम में एतेकाफ़ में बैठूं अलहम्दुलिल्लाह ज़ैद को ये सआद्दत हासिल हुई और ज़ैद हरम शरीफ़ में एतिकाफ़ में बैठ गया तो दौरान ए एतेकाफ़ क्या ज़ैद होटल जाकर सेहरी व इफ़्तार का खाना खुद ला सकता है जबकी खाना लाकर देने वाला कोई न हो और ना ही हरम शरीफ़ में सेहरी व इफ़्तार का इंतज़ाम हो और यह भी बताएं एतेकाफ़ मे रह कर ज़ैद तवाफ़ कर सकता है और ग़ुस्ल ए मसनून के लिए जा सकता है*


*✍️ जवाब :-*
*📇      सबसे पहले तो ये समझ लीजिए के एतेकाफ़ हरम शरीफ़ (क़ाबा शरीफ़) में किया जाए मस्जिद ए नबवी में या अपनी मुहल्ले की मस्जिद में मसाइल व अहकाम शराई सब जगह यकसान है शरन पुरी मस्जिद मुआतक़िफ़ होती है लिहाज़ा पूरी मस्जिद में जहां जगह मिले बैठ जाए जरूरत के वक़्त लेट जाए जहाँ चाहे नमाज़ पढ़े और जहां चाहे तिलावत व अज़कार करे किसी खास जगह की पाबंदी नहीं है चुंकि बैतुल्लाह और मताफ़ भी मस्जिद ए हरम में शामिल है और तवाफ़ इबादत है इसलिए अय्यम ए एतेकाफ़ में जिस क़द्र तवाफ़ कर सके करें इससे बड़ी सआद्दत और इबादत क्या होगी जहां तक सेहरी व इफ़्तार के खाने का मसअला है तो सभी ने सुना है कि वहां इफ्तार का इंतेज़ाम बहुत होता है अगर खुदा न ख्वास्ता ऐसा कोई इंतेज़ाम न हो सके तो फिर होटल जाकर वहाँ से पार्सल खाना खरीद कर ले आये और हरम शरीफ़ में वापस आकर वही बैठ कर खाएं ज़रूरत से ज़्यदा हरम शरीफ़ से बाहर न ठहरे और न किसी से क़लाम करें ग़ुस्ल वाज़िब के लिए और क़जा ए हाजत के लिए जाए लेकिन ग़ुस्ल ए मसनून के लिए न जाए*

*📚 तफ़हीमुल मसाइल, जिल्द- 1, सफा- 202*

*👉 नोट :  ऊपर दर्ज़ किताबी तहरीर है सवाल की इबारात में जो तीन सवाल पूछे गये थे उन तीनों ही सवालों का जवाब हर्फ़ ब हर्फ़ तहरीर है लिहाज़ा सूरत ए मसूला में एतेकाफ़ के दौरान तवाफ़ कर सकता है और सेहरी व इफ़्तार का खाना होटल से लेने भी जा सकता है लेकिन ग़ुस्ल ए मसनून के लिए नहीं जा सकता मगर हां ग़ुस्ल ए वाज़िब के लिए जा सकता है*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓  हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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