कोई साहिबे निसाब अभी उसका साल न गुज़रा था कि बीच में माल कम ज़ियादा हो गया या बिलकुल ही खत्म हो गया तो उसके ऊपर ज़कात कब फ़र्ज़ होगी*72

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_25/09/1444_* 
*_रमज़ान मुबारक_* 
*_⛅ दिन; पीर_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_17/04/2023_*     
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 71▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇 कोई साहिबे निसाब अभी उसका साल न गुज़रा था कि बीच में माल कम ज़ियादा हो गया या बिलकुल ही खत्म हो गया तो उसके ऊपर ज़कात कब फ़र्ज़ होगी*


*✍️ जवाब :-* 
*📇 जब किसी के पास पहली मर्तबा निसाब की क़द्र माल आया तो उस इस्लामी तारीख को उसके निसाब का साल शुरू हो गया अब एक साल के बाद उसी इस्लामी तारीख को वह देखेगा कि उसके पास कितना माल है अगर उसके पास निसाब की क़द्र (जितना) माल है तो उस पर ज़कात फ़र्ज़ होगी जबकि दीगर शराइत पाई जाएं क्योंकि ज़कात में साल के अव्वल व आखिर का एतिबार होता है साहिबे निसाब होने का जो दिन था अब हर साल वो इसी दिन ज़कात का हिसाब करता रहेगा जबतक उसका निसाब बिल्कुल हलाक़ न हो जाए*
*ऐसा नहीं होगा के जब माल आता रहा तो निसाब का नया साल शुरू हो गया और वो हर माल के ऐतबार से अलग शुमार करे मसलन किसी के पास 12 रजब को पहली मर्तबा 2 लाख आए अब दरमियान साल जो आया गया ऐतबार नहीं अगले साल 12 रजब को अगर निसाब की क़दर माल है तो उस पर ज़कात फ़र्ज़ होगी हाँ अगर दरमियान साल सारे का सारा माल खत्म हो गया एक रुपया भी नहीं बचा तो अब वो साल का हिसाब खत्म हो जाएगा और जब वो दुबारा साहिबे निसाब होगा तब से साल का आगाज़ होगा*

*📚 सौ शरई मसाइल का मजमुआ सफा 40*
*📚 फतावा अहले सुन्नत अहकामे ज़कात सफा 146*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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