चांद बड़ा देख कर यह कहना कैसा कि चांद आज का नहीं कल का है*76

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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*

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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_29/09/1444_* 
*_रमज़ान मुबारक_* 
*_⛅ दिन; जुम्आ मुबारक_*                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                             
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_21/04/2023_*     
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 75▪️*


*📝 सवाल :-*
*📇 चांद बड़ा देख कर यह कहना कैसा कि चांद आज का नहीं कल का है*


*✍️ जवाब :-* 
*📇 हदीस में फरमाया क़ुर्बे क़ियामत की निशानियों में से है कि चांद बड़ा नज़र आएगा दूसरी हदीस में हैं क़ुर्बे क़ियामत की निशानियों में से है कि चांद वाज़ेह होगा तो कहा जाएगा कि दूसरी रात का है दोनों हदीसों का हासिल यह है कि क़ुर्बे क़ियामत की यह भी एक अलामत पहचान है कि हिलाल चांद फूला हुआ निकले लोग कहें कल का है*
*चांद के बड़े होने पर भी लिहाज़ ख्याल नाजाइज़ है बहुत लोग चांद को बड़ा देख कर कहने लगते हैं कि कल का है या आज 29 न थी 30 थी कि 29 का चांद इतना बड़ा नहीं होता यह उनकी खाम ख्याली गलत ख्याली है ऐसी ही अक्लें दौड़ाते हैं शरई मुआमले तो रूयत देखने का एतिबार है खुद यहीं देखा जाए या दूसरे शहर की रूयत पर शरई शहादतें गुज़रे यहां क़यास बातों का दखल नहीं खत या तार या अक़्ली क़यासों या दूसरे शहर की हिकायतों कहानियों का शरअ में असलन एतिबार नहीं मसलन कुछ लोग आए और बयान किया कि वहां फुलां दिन ईद है या वहां रूयत हुई इस पर असलन लिहाज़ नहीं जब तक गवाहाने आदिल शरई खुद अपना देखना न बयान करें दुर्रे मुख्तार में हैं उस सूरत में सुबूत नहीं होगा अगर गवाहों ने गैरो की रूयत पर गवाही दी हो क्योंकि यह हिकायत है और बतौरे इल्मे हियात ही चले तो इंशा अल्लाह तआला फ़क़ीर साबित कर सकता है कि 29 का चांद बाज़ 30 के चांदों से बड़ा होना मुमकिन और सब से बढ़ कर वहमों को दूर करने वाला तो यह है कि हुज़ूर ﷺ ने फरमाया क़ुर्बे क़ियामत का एक असर यह है कि हिलाल चांद बड़े नज़र आयेंगे और फरमाया क़ुर्बे क़ियामत की एक अलामत यह है कि हिलाल चांद सामने ही नज़र पड़ेगा देखने वाला कहेगा कि दो रात का है बाज़ ने कहा तीन रात का है*

*📚 फतावा आला हज़रत, सफा- 75 ता 77*

*👉 नोट : खुलासा यह कि ऐसी बातें न की जाए कि चांद बड़ा नज़र आ रहा है तो कल का होगा वगैरा बल्कि बाज़ सूरतों में गुनहगार भी होगा कि शरीअत के खिलाफ चीज़ें हैं और यह क़ियामत की निशानी है लिहाज़ा इस से परहेज़ करे और बाज़ लोग चांद को देख कर दूसरों को दिखाने के लिए उंगली से इशारा करते हैं यह मकरूह है इस से भी बचना चाहिए अल्लाह अमल की तौफीक़ दे*

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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*

*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*



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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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