रिस्तेदारों को दसवाँ बीसवां चालीसवाँ का खाना खिलाना और शादी ब्याह की तरह दावत देना कैसा है*79
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_06/10/1444_*
*_शव्वाल_*
*_⛅ दिन; जुमेरात_*
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_27/04/2023_*
*_अप्रैल_*
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*🧮 पोस्ट 78▪️*
*📝 सवाल :-*
*📇 रिस्तेदारों को दसवाँ बीसवां चालीसवाँ का खाना खिलाना और शादी ब्याह की तरह दावत देना कैसा है*
*✍️ जवाब :-*
*📇 पहली बात तो ये है कि मय्यत के तीजा दसवां बीसवां चालीसवाँ वगैरह में शादी बयाह की तरह़ दावत करना जैसा कि अक्सर जगहों पर राइज है ये बिदअत क़बीह़ा और नाजायज़ है दावत तो खुशी में है ना कि गम में*
*लिहाज़ा इन मौक़ों पर जो शादी बयाह की तरह दावत करते हैं वो नाजायज़ है और रिस्तेदारों को ऐसी दावत खाना मना है अलबत्ता मय्यत के इसाले सवाब के लिए इन मौक़ों पर गुरबा मसाकीन को खाना खिलाना बेहतर है और उनका खाना भी जायज़ है*
*📚 फतहुल क़दीर, आलमगीरी, शामी वगैरह*
*📚फतावा फैज़ुर रसूल जिल्द 1 सफह 459*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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