बाज़ मदारिस में लेट फीस के नाम से जो रक़म ली जाती है उसका क्या हुक्म है जो बच्चे छुट्टी के बाद आते हैं उन्से लेट फीस लेना कैसा है164
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*🌹ﺃﻋﻮﺫ ﺑﺎﻟﻠﻪ ﻣﻦ ﺍﻟﺸﻴﻄﺎﻥ ﺍﻟﺮﺟﻴﻢ 🌹ﺑِﺴْــــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلرَّﺣِﻴﻢ*
*🌹السلام علیکم ورحمۃ اللہ وبر ر کا تہ*
*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*_🌙 इस्लामी तारीख_*
*_21/01/1445_*
*_मोहर्रमुल हराम_*
*_⛅ दिन; बुध_*
*_🗓️ अंग्रेजी तारीख_*
*_09/08/2023_*
*_अगस्त_*
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*🧮 पोस्ट 169▪️*
*📝 सवाल :-*
*📇 बाज़ मदारिस में लेट फीस के नाम से जो रक़म ली जाती है उसका क्या हुक्म है जो बच्चे छुट्टी के बाद आते हैं उन्से लेट फीस लेना कैसा है*
*✍️ जवाब :-*
*📇 किसी जुर्म की सज़ा में मुजरिम से माल वसूल करना नाजायज़ व गुनाह है फिक्ह की बे शुमार किताबों में सराह़त है कि माली जुर्माना नाजायज़ है- रद्दुल मुख्तार में है-,,فی شرح الآثار التعزیر بالمال کان فی ابتداءالاسلام ثم نسخ اہ والحاصل ان المذہب عدم التعزیر باخذ المال*
*फतावा रज़विया शरीफ में है कि जुर्माना के साथ ताज़ीर कि मुजरिम से कुछ माल खता के एवज़ ले लिया जाए मंसूख है और मंसूख पर अमल जायज़ नहीं।*
*लिहाज़ा किसी मुजरिम से माली जुर्माना लेना जायज़ नहीं है हां उसकी इस्लाह़ के लिए अगर कुछ रक़म ले ली जाए और फिर बाद इस्लाह़ उसे लौटा दी जाए तो उसकी इजाज़त है- बाज़ मदारिस में लेट फीस के नाम से जो रक़म वसूल की जाती है ये भी एक क़िस्म का माली जुर्माना है लिहाज़ा ये भी नाजायज़ व गुनाह है और लेने वाले मुजरिम व गुनहगार हैं इस सिलसिले में शरई कौन्सल आफ इंडिया बरेली शरीफ का फैसला ये है कि जो तलबा खत्म छुट्टी के बाद देर से आते हैं उन से लेट फीस के नाम पर ली जाने वाली रक़म एक क़िस्म का माली जुर्माना है इसका लेना जायज़ नहीं- अलबत्ता चंद रोज़ उनका खाना बंद कर दें फिर अगर वह मदरसे में खाना चाहें तो खाने के एवज़ लिया जा सकता है और अगर तालिबे इल्म पहले से ही खुराकी दे कर खाता था तो उसके खुराकी में इज़ाफा भी कर सकते हैं,और खुराकी भी लेने में इस बात का ख्याल रखें कि खुराकी वही लिया जाए जो वाकई में खुराकी होता है उस से ज़्यादा न हो।*
*📚 रद्दुल मुख्तार जिल्द 6 सफह 77*
*📚 फतावा रज़विया शरीफ जिल्द 5 सफह 535*
*📚 फैसला नवां फिक्ही सिमीनार शरयी कौन्सल आफ इंडिया बरेली शरीफ सफह 2*
*📚 फतावा अलीमिया जिल्द 2 सफह 238/237*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदके तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
*🔛((((( अगली पोस्ट जल्द )))))*
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*👏🏁 गदा ए फकीर रज़वी कादरी हनफी बरेलवी 🔴* *جزاک اللہ خیر*
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