किसी शख्स को मालूम नहीं कि साल के किस महीने में मालिके निसाब हुआ था, तो ज़कात किस महीने में निकाले*2️⃣9️⃣

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*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*🧮 पोस्ट 29▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇 किसी शख्स को मालूम नहीं कि साल के किस महीने में मालिके निसाब हुआ था, तो ज़कात किस महीने में निकाले*

*✍️ जवाब-:*
*📇 शरीअत ने जितने माल पर ज़कात को फ़र्ज़ क़रार दिया है, उसको निसाब कहते हैं। और जो उस माल का मालिक हो उसको मालिके निसाब या साहिबे निसाब कहते हैं। निसाब की मिक़दार (मात्रा) सोना (Gold) का निसाब: साढ़े सात तोला (87.48 ग्राम) चाँदी (Silver) का निसाब: साढ़े बावन तोला (612.36 ग्राम) करेंसी (नक़द पैसा), बॉन्ड्स, और मालए तिजारत (व्यापार का सामान) का निसाब 52.5 तोला चाँदी की कीमत के बराबर है। अगर किसी शख्स के पास अलग-अलग तरह का माल हो, तो सबको जोड़कर देखा जाएगा। अगर कुल कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी की कीमत के बराबर हो जाए, तो वह भी साहिबे निसाब कहलाएगा*
*और अगर किसी शख्स को मालूम नहीं कि साल के किस महीने में मालिके निसाब हुआ था, तो सूरते मसऊला में हुक्म यह है कि जिस माह (महीने) में साहिबे निसाब होने का गालिब गुमान हो उस माह में ज़कात अदा करें*

*📚 सौ शरई मसाइल का मजमूआ*
*📚 फतावा अहले सुन्नत अहकामे ज़कात सफ़ह 294*

*👉 नोट:- और जिस वक्त इतना माल पहली मर्तबा आया तो उसके निसाब का साल शुरू हो जाता है, और कमरी महीने के एतिबार से अगले साल ठीक उसी टाइम महीना तारीख पर अपना हिसाब लगाए तो जितना माल बनेगा उसका 2.5% ज़कात निकाले*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*


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