बिना टोपी नगें सर खाना, खाना कैसा है*5️⃣1️⃣
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*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*🧮 पोस्ट 51▪️*
*📝 सवाल-;*
*📇 बिना टोपी नगें सर खाना, खाना कैसा है*
*✍️ जवाब-:*
*📇 इमाम बुखारी رضیَ اللّه تعَالٰی عنہُ ने सही बुखारी मे टोपी के नाम का बाब लिखा है, सहाबी ए रसूल हज़रत अनस बिन मलिक رضیَ اللّه تعَالٰی عنہُ (पीला) रंग की टोपी पहंते इस बाब मे ही ऐसी हदीस नक्ल की जिसमें नबी ए करीम (सल्लल्लाहु ताला अलैही वसल्लम) ने फ़रमाया हालत ए एहराम मे टोपी ना पहनो इसका मतलब बगैर एहराम मे सहाबा टोपी लगाया करते थे और टोपी लगाना साहाबा की सुन्नत है। सरकार ए आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खां फ़ाज़िले बरैलवी رضیَ اللّه تعَالٰی عنہُ इरशाद फ़रमाते है नंगे सर खाना हिन्दु कि रस्म है और गैरो का तरीक़ा है हां अगर कोई उ़ज्र हो तो कोई हर्ज नही। और हुज़ूर शदरुश्शरीआ رضیَ اللّه تعَالٰی عنہُ इस मस्अले में इरशाद फ़रमाते है बिला उज्र नगें सर खाना खिलाफ ए सुन्नत और खिलाफ ए अदब है*
*📚 बुखारी शरीफ़, किताब लिबास, बाब टोपियों का बयान, हदीस नं. 5802*
*📚 बुखारी शरीफ़, हदीस नं 5803*
*📚 फ़तावा रज़विया,*
*📚 बहारे शरीअ़त जिल्द 3 हिस्सा 16 सफ़ह 317*
*👉 नोट-: इस ह़दीस शरीफ़ से मालूम हुआ टोपी लगाना साहाबा की सुन्नत है और आज कुछ ऐसे भी अनपढ़ लोग देखने को मिलते है जो खिलाफ ए सुन्नत, शरीअत के खिलाफ काम करते है जैसे नगें सर खाना, रोड पर ठठ्ठे मार कर हसंना, मस्ज़िद के अन्दर दुनियावी बात करना, दीन कि बात का मज़ाक उड़ाना, और अगर कोई शख्स उसको मना करें तो उससे बहस करते है।*
*जब्कि हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वसल्लम फरमाते हैं कि जो कोई फसादे उम्मत के वक़्त मेरी सुन्नत को मज़बूती से थामे रहेगा उसे 100 शहीदों का सवाब मिलेगा*
*📚 इब्ने माजा, जिल्द 3, सफह 360*
*यही वो वक़्त है जबकि 1 नहीं कितनी ही सुन्नतें मुर्दा होती जा रही है, और इसका ज़िम्मेदार कोई और नहीं बल्कि हम ही हैं, हम इस क़दर दुनिया में खो गये हैं कि हमे ज़रा भी होश नहीं रहा कि एक दिन मौत भी आनी है, मगर अफ़सोस आज बस हर दम एक ही ख्याल रहता है मेरी झूठी शान में कोई कमी न आ जाए।* अल्लाह हु अकबर
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*
*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म*
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*
*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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