किसी की वालिदा बहुत सख़्त बीमार हो तो उस वक़्त दूध बख्शवाना कैसा है1️⃣0️⃣8️⃣

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*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*🧮 पोस्ट 108▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇 किसी की वालिदा बहुत सख़्त बीमार हो तो उस वक़्त दूध बख्शवाना कैसा है❓*

*✍️ जवाब-:*
*📇 शरीअ़त में दूध पिलाने वाली का दूध पिलाने वाले पर कोई मुतालबा नहीं इसलिए दूध बक्शवाना कोई शरई हुक्म नहीं, उसके इलावा भी औलाद पर माँ के बेशुमार हुक़ूक़ हैं इंतेक़ाल के बाद हुक़ूक़ की अदाएगी की यही सूरत है कि इनके हक़ में दुआ़ए खैर और इनके लिए इसाले सवाब करे माँ से दूध बक्शवाने को ज़रूरी समझना जाहिलाना ख्याल है क्योंकि अपने बच्चों को दूध पिलाना माँ का हक़ है तो माएँ दूध पिला कर अपना हक़ अदा करती है न ये के बच्चों पर क़र्ज़ का बोझ डालती है अलबत्ता बच्चा पर यह उनका एहसान है कि जिसकी वजह से अल्लाह ने उनका मर्तबा बहुत ऊंचा कर दिया और औलाद को भी हुस्ने सुलूक का हुक्म दिया है❗*

 *📚 ज़ियाए शरीअत, जिल्द अव्वल, सफ़ह 199*
 *📚 फ़तावा मरकजे़ तरबियते इफ़्त, जिल्द दोम, सफ़ह़ 396*

*👉 नोट :- मेरे भाइयों आज कल मुआशरे में यही सब जिहालत फैली हुई है अल्लाहﷻ और उसके रसूलﷺ जो करने का हुक्म देते हैं अव्वलन तो हम वो सीखते नहीं और जो औरतों में राइज अफवाहें रहती हैं उसको फ़र्ज़ के दर्जे में ला कर पूरा करते हैं और अगर इन सब खुराफात को नहीं पूरा किए तो अपशगुन समझते हैं जब के शरीअत में अपशगुन का भी कोई तसव्वुर नहीं इल्म सीखिए और असल इल्म सीखिए जिसको न सीखने से आपकी गिरफ्त होती है आपको पता है कि जाहिल के नामाए आमाल में दो गुनाह लिखे जाते हैं एक तो वो गुनाह करने का गुनाह और एक उस चीज़ को न सीखने का गुनाह, इसलिए सही इल्म सीखें और अपने अंदर बदलाव लाए और अपने घर वालों को बताए और जिहालत का खातिमा करें♦️*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*


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