शहीद को ग़ुस्ल न दिए जाने की कितनी शर्तें है1️⃣1️⃣1️⃣

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*🌹الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ*
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*🧮 पोस्ट 111▪️*

*📝 सवाल-;*
*📇 शहीद को ग़ुस्ल न दिए जाने की कितनी शर्तें है❓*

*✍️ जवाब-:*
*📇 शहीद को गुस्ल न दिए जाने की 7 (सात) शर्तें हैं अगर इनमें से कोई शर्त न पाई गई तो ग़ुस्ल दिया जायेगा। (1) शहीद मुसलमान (2) आकिल (3) बालिग (4) ताहिर हो और (5) बतौर ज़ुल्म आला जारेहा से क़त्ल किया गया हो और (6) नफ़्से कत्ल से माल न वाजिब हुआ हो और (7) जख्मी होने के बाद दुनिया से नफा न उठाया हो*
*चोर या डाकू या हरबी या बाग़ी ने किसी को क़त्ल कर दिया चाहे हथियार से क़त्ल करें या किसी और चीज़ से तो वह शहीद है गुस्ल न दिया जाये। दुनिया से नफा उठाना यह कि घाएल होने के बाद कुछ खाया या पीया या सोया या एलाज किया या ऐसे में ठहरा या नमाज़ का एक वक़्त पूरा होश में गुज़रा (बशर्ते कि नमाज़ अदा करने पर कादिर हो) या वहाँ से उठ कर दूसरी जगह को चला या लोग उसे मारका से उठा कर दूसरी जगह ले गये (ख़्वाह ज़िन्दा पहुंचा हो या रास्ते ही में इन्तेकाल हुआ) या किसी दुनयावी बात की वसीयत की या कुछ खरीदा या कुछ बेचा या बहुत सी बातें कीं तो इन सब सूरतों में गुस्ल देंगे बशर्ते कि यह चीजें जेहाद ख़त्म होने के बाद वाक़ा हुई और अगर दरम्याने जंग में हुईं तो यह चीजें शहादत से रोकने वाली नहीं यानी गुस्ल न दिया जायेगा। अगर किसी मुसलमान को किसी मुसलमान ने कुसदन नाहक मार डाला तो वह शहीद है उसे गुस्ल न दें। अपनी जान या माल या किसी मुसलमान के बचाने में लड़ा और मारा गया तो वह शहीद है (यानी गुस्ल न दिया जायेगा) लोहे या पत्थर या लकड़ी जिस किसी चीज़ से क़त्ल किया गया हो। शहीद के सब कपड़े उतार कर नये कपड़े देना मकरूह है।❗*

*📚 क़ानूने शरीअत सफ़ह 194, 195*

*👉 नोट-: यह दुनिया में शहीद का एजाज़ व एकराम है कि इसका खून पाक है और इसका बदन पाक है और उसके तन का कपड़ा कफ़न है और आख़रत में तो इसके एकराम व इनाम का पूछना ही क्या।‼️*
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*💉 अपनी औलादो में आला हज़रत की मोहब्बत डाल दो वरना बड़े होकर अपने मां बाप की कब्र पर जाना भी 😝शिर्क समझेंगे।*

*💓 हैं पुश्त-पनाह ग़ौषे आज़म​* 
*क्युं डरते हो तुम रज़ा किसी से*

*👏 अल्लाह हमे अपने महबूब हुज़ूर सल्लल्लाहों अलैहि वसल्लम के सदक़े तुफैल इल्मे दीन सीखने समझने और अमल करने की तौफ़िक अता करे।*
*▪ امیــــــن ▪*


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